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Samrat Cabinet Expansion: दरभंगा के डॉ. रामचंद्र प्रसाद बने मंत्री, मिथिलांचल और तेली समाज को बड़ा संदेश

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Samrat Cabinet Expansion में दरभंगा के हायाघाट विधायक डॉ. रामचंद्र प्रसाद को मंत्री बनाया गया है। भाजपा ने मिथिलांचल और तेली समाज को साधने के लिए उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी है।

दरभंगा/आलम की खबर:बिहार की राजनीति में सम्राट चौधरी सरकार के पहले बड़े कैबिनेट विस्तार ने मिथिलांचल की राजनीति को नई चर्चा दे दी है। दरभंगा जिले के हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधायक बने डॉ. रामचंद्र प्रसाद को मंत्री पद की जिम्मेदारी देकर भाजपा ने बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। तेली समाज से आने वाले डॉ. रामचंद्र प्रसाद को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के बाद मिथिलांचल के भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकार इसे भाजपा की सामाजिक और क्षेत्रीय रणनीति का अहम हिस्सा मान रहे हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में भाजपा सरकार बनने के बाद यह पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार है। 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन के बाद लगातार इस बात की चर्चा थी कि पार्टी किन चेहरों को सरकार में मौका देगी। आखिरकार 7 मई को हुए विस्तार में भाजपा ने कई नए नेताओं पर भरोसा जताया। इसी क्रम में दरभंगा के हायाघाट विधायक डॉ. रामचंद्र प्रसाद को मंत्री बनाकर पार्टी ने मिथिलांचल और पिछड़े वर्गों को साधने की कोशिश की है।

डॉ. रामचंद्र प्रसाद का राजनीतिक सफर संगठन और जमीनी सक्रियता के दम पर आगे बढ़ा है। वे पहली बार वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में हायाघाट सीट से विधायक बने थे। उस चुनाव में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार भोला यादव को करीब 11 हजार वोटों के अंतर से हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी। उनकी जीत को उस समय भाजपा के लिए मिथिलांचल में अहम सफलता माना गया था। इसके बाद क्षेत्र में उनकी सक्रियता लगातार बढ़ती गई और वे कम समय में भाजपा के मजबूत क्षेत्रीय नेताओं में गिने जाने लगे।

हायाघाट क्षेत्र में डॉ. रामचंद्र प्रसाद की पहचान एक सादगीपूर्ण और लगातार लोगों के बीच रहने वाले नेता के रूप में बनाई जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक बनने के बाद भी उन्होंने क्षेत्र से दूरी नहीं बनाई और लगातार जनता के बीच सक्रिय रहे। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई जैसी स्थानीय समस्याओं को लेकर वे लगातार सरकार और प्रशासन के सामने आवाज उठाते रहे। यही वजह रही कि संगठन और जनता दोनों स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत होती चली गई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने उन्हें मंत्री बनाकर कई सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है। मिथिलांचल क्षेत्र में पिछड़े वर्गों और विशेष रूप से तेली समाज में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। भाजपा पिछले कुछ वर्षों से बिहार में पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के बीच अपना आधार और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में डॉ. रामचंद्र प्रसाद को मंत्री बनाना उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

डॉ. रामचंद्र प्रसाद का संगठनात्मक सफर भी काफी लंबा रहा है। विधानसभा पहुंचने से पहले वे स्थानीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। वर्ष 2011 से 2016 तक वे जिला परिषद सदस्य रहे और उसी दौरान उन्होंने क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक नेटवर्क तैयार किया। इसके अलावा भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य के रूप में भी वे पार्टी संगठन में सक्रिय रहे। पार्टी नेताओं के अनुसार वे लंबे समय से संगठन के भरोसेमंद कार्यकर्ताओं में शामिल रहे हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से उनका जुड़ाव भी काफी पुराना माना जाता है। बताया जाता है कि उन्होंने वर्ष 2001 में संघ की सदस्यता ग्रहण की थी और तब से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। भाजपा और संघ दोनों के साथ उनकी निरंतर सक्रियता ने उन्हें संगठन में मजबूत पहचान दिलाई। यही वजह रही कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें सरकार में जगह देकर बड़ा भरोसा दिखाया है।

उनके परिवार की भी क्षेत्रीय राजनीति में अच्छी पकड़ मानी जाती है। उनकी पत्नी शीला देवी वर्ष 2016 से लगातार हायाघाट क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य हैं। क्षेत्र में दोनों की सक्रियता का लाभ भाजपा को लगातार मिलता रहा है। स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि जनता के बीच मजबूत संपर्क और संगठन के प्रति समर्पण के कारण ही डॉ. रामचंद्र प्रसाद को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है।

मंत्री बनाए जाने की खबर सामने आते ही दरभंगा और हायाघाट क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जश्न का माहौल बन गया। कई जगहों पर समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और आतिशबाजी कर खुशी जाहिर की। भाजपा नेताओं का कहना है कि मिथिलांचल को लंबे समय बाद सरकार में मजबूत प्रतिनिधित्व मिला है। समर्थकों का मानना है कि उनके मंत्री बनने से क्षेत्र के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि सम्राट चौधरी सरकार का यह कैबिनेट विस्तार आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। भाजपा इस बार सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठन के समर्पित चेहरों को आगे लाने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में डॉ. रामचंद्र प्रसाद जैसे नेताओं को सरकार में शामिल करना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।

दरभंगा और मिथिलांचल क्षेत्र के लोगों को अब उम्मीद है कि सरकार में मजबूत भागीदारी मिलने के बाद क्षेत्र की लंबित समस्याओं पर तेजी से काम होगा। खासकर सड़क, बाढ़, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। स्थानीय जनता को उम्मीद है कि मंत्री बनने के बाद डॉ. रामचंद्र प्रसाद क्षेत्र की आवाज को सरकार तक और मजबूती से पहुंचाएंगे।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सम्राट चौधरी सरकार में डॉ. रामचंद्र प्रसाद को कौन सा विभाग मिलता है और वे अपनी नई जिम्मेदारी को किस तरह आगे बढ़ाते हैं। लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि इस फैसले ने मिथिलांचल की राजनीति में भाजपा की पकड़ को नई मजबूती देने का काम किया है।

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